महोबा में उत्तर प्रदेश का चौथा ‘जल अर्पण कार्यक्रम’ संपन्न

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जल जीवन मिशन के तहत महोबा में उत्तर प्रदेश का चौथा ‘जल अर्पण कार्यक्रम’ संपन्न

महोबा। #जल_जीवन_मिशन के अंतर्गत आज जनपद महोबा के ग्राम लिलवाही (विकास खंड—कबरई) में उत्तर प्रदेश का चौथा ‘जल अर्पण कार्यक्रम’ भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वतंत्र देव सिंह, जल शक्ति मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार रहे। उनके साथ जितेन्द्र सिंह सेंगर, गोस्वामी, जिला अध्यक्ष कुशवाहा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान जल शक्ति मंत्री द्वारा ग्रामीण पेयजल परियोजना का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार तक शुद्ध, सुरक्षित और सतत पेयजल पहुंचाना है, ताकि महिलाओं और बच्चों को पानी की तलाश में होने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिले और स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार हो। मंत्री ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए प्रत्येक नागरिक से हर एक बूंद को बचाने का संकल्प लेने की अपील की।

‘जल अर्पण दिवस समारोह’ में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार की हर घर जल पहल के तहत न केवल नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं, बल्कि जल की गुणवत्ता, निरंतरता और रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों से स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता आदतों को अपनाने का आह्वान किया।

इसके उपरांत मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने पेयजल योजना के अंतर्गत दिए गए नल कनेक्शनों तथा पेयजल शुद्धता का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल की गुणवत्ता, आपूर्ति की नियमितता और संचालन व्यवस्था की जानकारी ली गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे।

कार्यक्रम में जिला प्रशासन, जल निगम, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, तकनीकी टीम, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामवासियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त करते हुए सरकार का आभार जताया और जल संरक्षण के प्रयासों में सहभागी बनने का संकल्प लिया।

मुख्य संदेश:

हर घर जल—स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की निरंतर उपलब्धता

हर एक बूंद—जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता

स्थायित्व—गुणवत्ता, रख-रखाव और दीर्घकालिक समाधान

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