चिचारा में 21.90 करोड़ की लागत से बनेगा मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, मार्च से शुरू होगा निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा।
महोबा जनपद के कबरई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत चिचारा में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। यहां कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे करीब 21.90 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। यह विद्यालय प्री-प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक की शिक्षा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराएगा, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

शासन द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हाल ही में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके बाद अब लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड (भवन), बांदा द्वारा निर्माण कार्य की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार फरवरी माह के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, और यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो मार्च 2026 से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
18 माह में बनकर तैयार होगा आधुनिक विद्यालय
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड (भवन), बांदा के अधिशासी अभियंता शुभेंदु सिंह ने बताया कि विद्यालय निर्माण की टेंडर प्रक्रिया 25 फरवरी 2026 तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद कार्यादेश जारी कर दिया जाएगा और निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। परियोजना को 18 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी वर्ष 2027 के अंत तक यह भव्य विद्यालय भवन विद्यार्थियों के लिए तैयार हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह विद्यालय आधुनिक तकनीक, उन्नत शैक्षिक संसाधनों और बेहतर बुनियादी ढांचे से सुसज्जित होगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सकेगा।
4.03 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा विशाल परिसर
प्रस्तावित मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय करीब 4.03 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा। यह भूमि वर्तमान में चिचारा स्थित कंपोजिट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पीछे उपलब्ध है। विद्यालय परिसर में प्री-प्राइमरी, प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर तक की कक्षाओं के लिए अलग-अलग भवन बनाए जाएंगे।
इसके साथ ही विद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान, बहुउद्देश्यीय हॉल, प्रशासनिक भवन, शिक्षकों के लिए कक्ष, छात्र-छात्राओं के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, सोलर ऊर्जा व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए जाएंगे।
ग्रामीण अंचल को मिलेगा बड़ा शैक्षिक लाभ
चिचारा में सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण से कबरई ब्लॉक और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब तक इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए महोबा, कुलपहाड़, चरखारी या बांदा जैसे दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता था। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी होती थी, बल्कि कई छात्र-छात्राएं आर्थिक और सामाजिक कारणों से पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते थे।
इस नए विद्यालय के निर्माण से स्थानीय स्तर पर ही प्री-प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक की पूरी शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध हो जाएगी, जिससे शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा और ड्रॉपआउट दर में भी कमी आएगी।
शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में शहरी स्तर की शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विद्यालय में प्रशिक्षित शिक्षक, डिजिटल शिक्षण प्रणाली, स्मार्ट बोर्ड, ऑनलाइन शिक्षण सामग्री और आधुनिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा। इससे ग्रामीण छात्र-छात्राएं भी बड़े शहरों के विद्यार्थियों की तरह समान अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
क्षेत्रीय विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
इस बड़े निर्माण कार्य से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों, तकनीकी कर्मियों और स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। इसके साथ ही विद्यालय के शुरू होने के बाद शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और अन्य सेवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विद्यालय के आसपास के क्षेत्र में दुकानों, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में भी वृद्धि होने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल
चिचारा और आसपास के गांवों में इस परियोजना को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगा। अभिभावकों को उम्मीद है कि अब उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शासन और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए मांग की है कि निर्माण कार्य को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि जल्द से जल्द बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, चिचारा में 21.90 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय महोबा जिले के शिक्षा परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव लाने वाला कदम है। यह परियोजना न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी। यदि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा हुआ, तो यह विद्यालय आने वाले वर्षों में हजारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।
