महोबा/मुढारी।
बुंदेलखंड की मिट्टी की सौंधी खुशबू, बोली की मिठास और लोकसंस्कृति की सादगी को समेटे एक नया बुंदेली गीत हाल ही में रिलीज हुआ है। ग्राम मुढारी के रहने वाले प्रदीप तिवारी ने अपने यूट्यूब चैनल “Pradeep Tiwari Vlogs” पर यह गीत जारी किया है, जिसे दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
यह गीत पूरी तरह बुंदेली भाषा में प्रस्तुत किया गया है और इसमें गांव की परंपराएं, लोकजीवन, रिश्तों की आत्मीयता और क्षेत्रीय पहचान को सजीव रूप में दिखाया गया है। वीडियो में ग्रामीण परिवेश, पारंपरिक पहनावा और स्थानीय भावनाओं को प्रमुखता दी गई है, जिससे दर्शकों को अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस होता है।
गीत में सपना श्रीवास्तव (Sapna Shrivash) का सहयोग भी उल्लेखनीय बताया जा रहा है, जिनकी प्रस्तुति ने वीडियो को और प्रभावशाली बनाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के डिजिटल दौर में क्षेत्रीय भाषाएं और लोकसंस्कृति तेजी से पीछे छूटती जा रही हैं। ऐसे में युवाओं द्वारा अपनी बोली और परंपराओं को मंच देना सराहनीय पहल है।
समाज के बुद्धिजीवियों और युवाओं ने अपील की है कि क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए अधिक से अधिक लोग इस गीत को देखें, साझा करें और अपने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
“अपनी भाषा – अपनी पहचान” के संदेश के साथ यह गीत बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

