🌞 सूर्य महोत्सव में शिक्षा और विज्ञान का ऐतिहासिक संगम, 40 विद्यालयों को मिलीं ‘ISRO अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं’


महोबा। जनपद में आयोजित सूर्य महोत्सव इस बार केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा और विज्ञान के ऐतिहासिक संगम का साक्षी बना। आज का दिन महोबा के लिए एक गौरवपूर्ण अध्याय बन गया, जब ISRO – Indian Space Research Organisation के वैज्ञानिकों की उपस्थिति में जिले के 40 सरकारी विद्यालयों को उनकी अपनी ‘अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं’ समर्पित की गईं।
कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत रतौली, विकास खंड कबरई के उच्च प्राथमिक विद्यालय में किया गया, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में Nilesh M. Desai, निदेशक, Space Applications Centre (SAC/ISRO), अहमदाबाद उपस्थित रहे। उनके करकमलों द्वारा जनपद के 40 विद्यालयों में निर्मित “ISRO अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं” का विधिवत उद्घाटन किया गया।
बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान
निदेशक श्री नीलेश एम. देसाई ने रतौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में नवनिर्मित “श्री नीलेश एम. देसाई अंतरिक्ष प्रयोगशाला” का अवलोकन किया। उन्होंने न केवल फीता काटकर प्रयोगशाला का शुभारंभ किया, बल्कि बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की रोचक और प्रेरणादायक जानकारी भी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे उपग्रह पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं, मौसम की भविष्यवाणी में अंतरिक्ष तकनीक की क्या भूमिका है और कैसे भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपने जिज्ञासु मन को संतुष्ट किया।
इस अवसर पर SAC/ISRO के वैज्ञानिक श्री दीपक सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने प्रयोगशाला में उपलब्ध उपकरणों और मॉडलों की जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार की दिशा में प्रेरित करेगी।
शिक्षा में नवाचार की नई पहल
इन ‘ISRO अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं’ में अंतरिक्ष मॉडल, सौर मंडल की संरचना, रॉकेट प्रक्षेपण के सिद्धांत, उपग्रहों के कार्य और वैज्ञानिक प्रयोगों से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे भविष्य में वैज्ञानिक, इंजीनियर या शोधकर्ता बनने का सपना साकार कर सकेंगे। यह कदम ‘नए भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
जनपद के लिए ऐतिहासिक क्षण
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग तथा विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह महोबा के शैक्षिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सूर्य महोत्सव को विशेष बना गया, बल्कि महोबा को विज्ञान शिक्षा के मानचित्र पर भी स्थापित कर गया। उत्तर प्रदेश सरकार तथा शिक्षा विभाग की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भविष्य के वैज्ञानिक तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम
‘ISRO अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं’ निश्चित रूप से नन्हे वैज्ञानिकों के सपनों को नई दिशा देंगी। इस पहल से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और नवाचार की भावना का विकास होगा।
सूर्य महोत्सव के इस ऐतिहासिक अवसर पर महोबा ने यह संदेश दिया है कि जब संस्कृति और विज्ञान का संगम होता है, तो विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं। आने वाले समय में ये प्रयोगशालाएं जनपद के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष की ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। 🌠🛰️

