Gardening Tips: अब गमले में उगाएं अरबी, जानिए सही तरीका और देखभाल के आसान टिप्स
आजकल शहरी जीवनशैली में भी लोग तेजी से खेती और गार्डनिंग की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सीमित जगह होने के बावजूद लोग अपनी छत, बालकनी और आंगन में गमलों के जरिए ताजी सब्जियां उगा रहे हैं। टमाटर, मिर्च, धनिया और करी पत्ता के बाद अब अरबी भी लोगों की पसंद बनती जा रही है। अरबी न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि इसके पत्तों से बनने वाले पकौड़े और सब्जियां भी काफी लोकप्रिय हैं। अच्छी बात यह है कि अरबी को गमले में उगाना बिल्कुल मुश्किल नहीं है, बस जरूरत है सही धूप, पानी और देखभाल की।

अरबी का पौधा क्यों है खास
अरबी को देश के अलग-अलग हिस्सों में घुइयां, कचालू और टारो जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह एक पोषक तत्वों से भरपूर कंद वाली सब्जी है, जिसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके बड़े-बड़े दिल के आकार के पत्ते न सिर्फ देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं, बल्कि घर की सजावट में भी चार चांद लगा देते हैं। यही कारण है कि कई लोग अरबी को सजावटी पौधे के रूप में भी गमलों में लगाते हैं।
गमले में अरबी लगाने का सही समय
अरबी गर्म और नम मौसम में अच्छी तरह बढ़ती है। इसे लगाने का सबसे उपयुक्त समय मार्च से जुलाई के बीच माना जाता है। बरसात का मौसम भी इसके लिए बेहद अनुकूल होता है, क्योंकि इस दौरान वातावरण में पर्याप्त नमी रहती है। हालांकि, अगर आप इसे सर्दियों में उगाना चाहते हैं, तो पौधे को पर्याप्त धूप और हल्की गर्माहट देना जरूरी होता है।
गमले और मिट्टी का सही चुनाव
अरबी की जड़ें फैलने वाली होती हैं, इसलिए इसे हमेशा बड़े और गहरे गमले में लगाना चाहिए। गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होना बेहद जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके और कंद सड़ने से बचा रहे।
मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें नमी बनी रहे, लेकिन जल निकासी भी अच्छी हो। इसके लिए बगीचे की मिट्टी, गोबर की खाद और बालू को मिलाकर हल्की, भुरभुरी और जैविक तत्वों से भरपूर मिट्टी तैयार की जा सकती है।
कंद से कैसे उगाएं अरबी का पौधा
अरबी उगाने के लिए बाजार से लाई गई स्वस्थ और ताजी अरबी का कंद इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि कंद में हल्का सा अंकुर निकल रहा हो तो यह और भी बेहतर रहता है। गमले में मिट्टी भरकर कंद को हल्का दबाएं और ऊपर से मिट्टी डाल दें। इसके बाद अच्छे से पानी दें ताकि मिट्टी पूरी तरह नम हो जाए। कुछ दिनों तक मिट्टी की नमी बनाए रखें। करीब 15 से 20 दिनों में मिट्टी से हरी कोपल निकलने लगती है और एक महीने के भीतर बड़े-बड़े पत्ते दिखाई देने लगते हैं।
पानी का सही संतुलन क्यों है जरूरी
अरबी को नमी बेहद पसंद होती है, लेकिन ज्यादा पानी इसका सबसे बड़ा दुश्मन है। मिट्टी हमेशा हल्की नम रहनी चाहिए, लेकिन गीली नहीं। गर्मियों में हर एक या दो दिन में पानी देना पड़ सकता है, जबकि सर्दियों में पानी की जरूरत कम हो जाती है। पानी देने से पहले उंगली से मिट्टी की ऊपरी परत को जांच लेना सबसे आसान तरीका है। अगर मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें।
धूप और छांव का सही संतुलन
अरबी के पौधे को रोजाना लगभग 3 से 5 घंटे की हल्की धूप मिलनी चाहिए। सुबह की धूप इसके लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। दोपहर की तेज धूप से इसके पत्ते झुलस सकते हैं, इसलिए उस समय पौधे को छांव में रखना बेहतर होता है। अगर पौधा ज्यादा समय तक छांव में रहेगा, तो उसकी बढ़वार धीमी हो सकती है।
सही देखभाल से मिलेगी अच्छी पैदावार
समय-समय पर सूखे और पीले पत्तों को हटा देना चाहिए, ताकि पौधे की ऊर्जा नई पत्तियों और कंद के विकास में लगे। यदि पत्तों पर कीट या फंगल संक्रमण दिखाई दे, तो नीम के तेल का हल्का छिड़काव बेहद असरदार साबित होता है। सही देखभाल के साथ लगभग दो महीने में आप पत्तियां तोड़कर सब्जी या पकौड़े बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और करीब चार से छह महीने में गमले से अच्छी अरबी की खुदाई की जा सकती है।
घर की बालकनी बनेगी मिनी किचन गार्डन
घर में उगी अरबी न सिर्फ स्वाद में बेहतर होती है, बल्कि इसे उगाने का सुकून भी अलग ही होता है। थोड़ी सी समझदारी, धैर्य और नियमित देखभाल से आप अपनी बालकनी या छत को हरा-भरा बना सकते हैं और ताजी, सुरक्षित व पोषण से भरपूर सब्जियों का आनंद ले सकते हैं।


