महोबा के मां बड़ी चंद्रिका देवी धाम मेले में गैर-हिंदुओं की दुकानों पर रोक लगाने की मांग, बयान से गरमाया माहौल

महोबा में मां बड़ी चंद्रिका देवी धाम मेले को लेकर विवादित बयान, गैर-हिंदुओं की दुकानों पर रोक लगाने की चेतावनी से गरमाया माहौल

विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री राष्ट्रवादी विकास का ऐलान—मेले में हिंदुओं के अतिरिक्त कोई दुकान नहीं लगाएगा; ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण के आरोपों को लेकर उठे सवाल

महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा में मां बड़ी चंद्रिका देवी धाम के मेले को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री राष्ट्रवादी विकास ने मेला परिसर में गैर-हिंदुओं की दुकानों पर रोक लगाने की बात कही है। उनके बयान के मुताबिक, मेले में हिंदुओं के अतिरिक्त किसी अन्य धर्म के व्यक्ति को दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई गैर-हिंदू मेला परिसर में दुकान लगाता है, तो उसकी दुकान हटाई जाएगी।

कलावा पहनकर दुकान लगाने को लेकर लगाए गंभीर आरोप

वायरल बयान में राष्ट्रवादी विकास ने आरोप लगाया कि मेले में कुछ गैर-हिंदू दुकानदारों ने हाथों में कलावा पहनकर दुकानें लगाई हैं। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए इसे कथित लव जिहाद और धर्मांतरण से जोड़ने का दावा किया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है और न ही इनकी आधिकारिक पुष्टि हुई है।

चेतावनी भरे बयान से बढ़ सकती है विवाद की आशंका

अपने बयान में संगठन मंत्री ने स्पष्ट किया कि मेले में हिंदुओं के अतिरिक्त किसी अन्य समुदाय की दुकान नहीं लगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा होता है, तो संबंधित लोगों को उसी तरीके से समझाया जाएगा, जैसा वे उचित समझेंगे। बयान के इस हिस्से को लेकर विवाद की आशंका पैदा हो सकती है, क्योंकि किसी भी दुकानदार को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाने या धमकी देने का मामला कानून-व्यवस्था से जुड़ा सवाल बन सकता है।

प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें

मां बड़ी चंद्रिका देवी धाम का मेला धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। ऐसे आयोजनों में सुरक्षा, शांति और व्यापारिक गतिविधियों के लिए प्रशासनिक नियमों का पालन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि मेले में दुकानें लगाने के लिए क्या आधिकारिक नियम निर्धारित किए गए हैं और क्या किसी समुदाय विशेष को दुकान लगाने से रोकने संबंधी कोई प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है?

यदि किसी दुकानदार के खिलाफ धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी गतिविधि का ठोस प्रमाण मिलता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन केवल धार्मिक पहचान के आधार पर आरोप लगाना या किसी को धमकाना अलग विषय है।

अब प्रशासन के रुख का इंतजार

फिलहाल इस बयान पर स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कथित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मेले में दुकानों को लेकर कोई औपचारिक प्रतिबंध लागू किया गया है या नहीं।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और मेले में शांति, सुरक्षा तथा सभी के लिए लागू नियमों का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाता है।

नोट: यह समाचार संगठन मंत्री के सामने आए बयान पर आधारित है। इसमें उल्लिखित आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।

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