मौनिया मेले मौनिया मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट, एसडीएम और सीओ ने किया स्थलीय निरीक्षण
मेरे की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट, एसडीएम और सीओ ने किया स्थलीय निरीक्षण
दो दिवसीय मेले में सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों ने परखी तैयारियां, बेलाताल चौकी प्रभारी एवं मेला कमेटी के सदस्य रहे मौजूद
महोबा। आगामी दिनों में आयोजित होने जा रहे दो दिवसीय पारंपरिक मौनिया मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुरक्षा तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुलपहाड़ के उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी ने मेला स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के अचानक मौके पर पहुंचने से मेला आयोजन से जुड़े लोगों में भी तैयारियों को लेकर सक्रियता दिखाई दी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेला स्थल का भ्रमण कर आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मेले में आने वाले लोगों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक इंतजामों को लेकर जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने मेला कमेटी के सदस्यों से आयोजन की तैयारियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की और आवश्यक सुझाव भी दिए।

इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना से बचने के लिए पहले से ही सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी रखने, आवागमन को सुचारु बनाए रखने तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान बेलाताल चौकी प्रभारी मलखान सिंह सेगर सहित मेला कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। चौकी प्रभारी को भी मेले के दौरान पुलिस व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने तथा आवश्यकतानुसार पुलिसकर्मियों की तैनाती और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मेला कमेटी के सदस्यों से भी अपेक्षा की गई कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी तैयारियां समय से पूरी करें, ताकि दो दिवसीय आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
गौरतलब है कि मौनिया मेला क्षेत्र की पारंपरिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन है। इसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई तैयारियों को मेले के सफल आयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद अब मेला कमेटी और संबंधित विभागों के सामने व्यवस्थाओं को समय से अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी है।



