चरखारी विधायक ने हर घर जल योजना का किया स्थलीय निरीक्षण, प्रशासनिक रिपोर्ट निकली फर्जी; अधिकारियों को लगाई फटकार
चरखारी (महोबा), 10 मार्च।
जनपद महोबा के चरखारी क्षेत्र में संचालित हर घर जल योजना में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर सामने आया है। प्रशासन द्वारा गांवों में मरम्मत कार्य पूर्ण होने और जलापूर्ति शुरू होने की रिपोर्ट देने के बावजूद मौके पर स्थिति बिल्कुल विपरीत मिलने पर चरखारी विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत ने जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित कंपनी को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने कार्य में लापरवाही बरतने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और दूसरे ठेकेदार से काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
कागजों में मरम्मत, जमीन पर हालात जस के तस
जानकारी के अनुसार जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र के गांवों में हर घर जल योजना के तहत मरम्मत और जलापूर्ति की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इस रिपोर्ट की एक प्रति चरखारी विधायक को भी सौंपी गई, जिसमें बताया गया कि 6 मार्च तक सभी क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत कर दी गई है और गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
लेकिन विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत ने रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय मंगलवार को तकनीकी अधिकारियों के साथ चरखारी विकासखंड के ग्राम नरेड़ी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई वास्तविक स्थिति ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी।

निरीक्षण में खुली योजना की खामियां
स्थल पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिन रास्तों को मरम्मत किए जाने की रिपोर्ट भेजी गई थी, वे अब भी खुदे और क्षतिग्रस्त पड़े हैं। गांव की गलियां खराब हालत में मिलीं और पानी की सप्लाई शुरू होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। कई घरों के बाहर केवल नल के पाइप लगाए गए हैं लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
इसके अलावा योजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी भी क्षतिग्रस्त और बंद पाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी का निर्माण तो कर दिया गया था, लेकिन पहली ही टेस्टिंग के दौरान उसमें लीकेज हो गया। बाद में मरम्मत भी कराई गई, लेकिन इसके बावजूद टंकी चालू नहीं हो सकी।
पुरानी योजना को दिखाया नई योजना का हिस्सा
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गांव के एक हैंडपंप पर लगा सबमर्सिबल पंप हर घर जल योजना का हिस्सा बताया जा रहा था, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि यह व्यवस्था वर्ष 2012 में तत्कालीन विधायक उमा भारती के कार्यकाल में कराई गई थी। बाद में उसी व्यवस्था को हर घर जल योजना में शामिल दिखा दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया – पांच साल से चल रहा काम
ग्राम प्रधान मंगल कुशवाहा और ग्रामीणों ने बताया कि गांव में हर घर जल योजना का काम करीब पांच वर्षों से चल रहा है, लेकिन आज तक योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया।
अधिकारियों को लगी फटकार
मौके पर मौजूद अधिकारियों को विधायक ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि फर्जी रिपोर्ट बनाकर शासन को गुमराह किया जा रहा है, जो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना में लापरवाही बरतने वाली कंपनी को काली सूची में डाला जाए और दूसरे ठेकेदार से कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सके।
विधायक ने यह भी कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।


