गोरखा ग्राम में मच्छर भगाने का अनोखा तरीका चर्चा में, वीडियो पर उठे सवाल
बाइक के एक्सीलेटर की आवाज और कंडे के धुएं से मच्छर भगाने का दावा, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
महोबा। गोरखा ग्राम से सामने आया मच्छर भगाने का एक अनोखा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रकरण को देखकर लोगों के मन में हंसी के साथ-साथ गुस्सा भी पैदा हो रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता को मच्छरों से बचाने के लिए यही तरीका अपनाया जा रहा है या फिर सरकारी व्यवस्था के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जा रही है?
सामने आए मामले में मच्छर भगाने के लिए एक व्यक्ति अपने दरवाजे पर बाइक स्टार्ट करके उसके एक्सीलेटर से तेज आवाज निकालता दिखाई दे रहा है। बाइक पर बैठा व्यक्ति अपने हाथ में पाइप का एक खाली टुकड़ा लेकर उसे सामने की ओर किए हुए है। वहीं, बाइक के दूसरी तरफ कंडे जलाकर उनसे निकलने वाले धुएं का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया को मच्छर भगाने के प्रयास के रूप में दिखाया जा रहा है।
यह दृश्य अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। मच्छरों से बचाव के लिए वैज्ञानिक और प्रभावी उपाय अपनाने के बजाय इस तरह की प्रक्रिया कितनी कारगर है, यह जांच का विषय है। यदि यह किसी सरकारी अभियान या जिम्मेदार विभाग की पहल के तहत किया जा रहा है, तो संबंधित अधिकारियों को इसकी वास्तविकता स्पष्ट करनी चाहिए। हालांकि, इस गतिविधि के पीछे किसका निर्देश है और इसका उद्देश्य क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
जनता का सवाल है कि जिलाधिकारी महोदय, संबंधित विभागों के अधिकारी, मंत्री और सचिव इस तरह की गतिविधियों पर क्या रुख अपनाएंगे? क्या इस मामले की जांच कराई जाएगी और यदि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग या जनता को गुमराह करने की बात सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी?
लोगों का कहना है कि यदि यह तरीका वास्तव में प्रभावी और सुरक्षित है, तो संबंधित विभागों को इसकी उपयोगिता प्रमाणित करनी चाहिए। अन्यथा, मच्छरों से बचाव के लिए पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार वैज्ञानिक और सुरक्षित उपाय अपनाए जाने चाहिए।
फिलहाल, गोरखा ग्राम का यह मामला व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इसे गंभीरता से लेते हैं या फिर यह प्रकरण भी अन्य मामलों की तरह चर्चा तक सीमित रह जाता है।





