चरखारी में बारिश की मार: 6000 परिवार बेघर, 22 दिन बाद भी मुआवजे का इंतजार
चरखारी/महोबा। लगातार बारिश ने चरखारी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में बड़ी संख्या में कच्चे मकान ढह गए हैं और हजारों परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय स्तर पर प्रभावित परिवारों की संख्या 6000 से अधिक बताई जा रही है।
स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा क्षेत्र के लगभग हर गांव में 30 से 35 कच्चे मकानों के गिरने की जानकारी सामने आई है। कुछ गांवों में यह संख्या 50 से अधिक भी बताई गई है। बारिश से खरीफ की फसलों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
मौके पर पहुंची प्रशासनिक और मीडिया टीम
बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एसडीएम, लेखपाल और सर्वे टीम के साथ चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और महोबा खबर की टीम भी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंची। मौके पर टूटे और क्षतिग्रस्त मकानों तथा बारिश से बर्बाद हुई फसलों की स्थिति देखी गई।
किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल नुकसान की सूचना समय पर बीमा कंपनी को दी थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक उन्हें फसल बीमा की राशि का इंतजार है।
11 सितंबर को मुख्यमंत्री को दिया गया पत्र
चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने बारिश और अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर 11 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र देकर राहत और मुआवजे की मांग की थी। इससे पहले भी विधायक प्रशासन और बीमा अधिकारियों के साथ प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर चुके हैं।
30 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, विधायक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्रभावित किसानों के नुकसान का सर्वे कराने और मुआवजा दिलाने की मांग भी की थी।
22 दिन बाद भी इंतजार
11 सितंबर से 3 अक्टूबर तक 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक मकान क्षति का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों को फसल बीमा और फसल क्षति के मुआवजे का भी इंतजार है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों के मकान बारिश में गिर चुके हैं, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या रहने की है। वहीं फसल बर्बाद होने के बाद किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हुई है।
महोबा में बारिश ने बनाया नया रिकॉर्ड
महोबा में इस मानसून सीजन में बारिश ने पिछले 16 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ने की रिपोर्ट सामने आई है। 22 सितंबर की एक रिपोर्ट के अनुसार जिले में सामान्य से करीब 71 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई और कुल बारिश का आंकड़ा करीब 968 मिलीमीटर बताया गया।
लगातार बारिश के कारण जिले के कई बांध और जलाशय भी भर गए। सितंबर की शुरुआत में महोबा के करीब 150 गांवों के संपर्क प्रभावित होने और कई कच्चे मकानों के गिरने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
सवाल अब राहत का
चरखारी के ग्रामीणों के सामने अब सवाल यह है कि बारिश से तबाह हुए परिवारों तक राहत कब पहुंचेगी? प्रशासनिक सर्वे, मकान क्षति का मुआवजा और फसल बीमा की प्रक्रिया कब पूरी होगी—इसका इंतजार प्रभावित परिवार कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि नुकसान का तत्काल सत्यापन कर पात्र परिवारों को मकान क्षति और फसल नुकसान की राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।



