महोबा: खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाया जाम, कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

महोबा: खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाया जाम, कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

भरवारा कृषि मंडी के सामने किसानों का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे; खाद वितरण शुरू न होने से किसानों में नाराजगी

भरवारा/महोबा। महोबा जनपद में खाद की किल्लत को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। खाद नहीं मिलने से परेशान किसानों ने पनवाड़ी थाना क्षेत्र के भरवारा गांव में पनवाड़ी-महोबा मार्ग पर भरवारा कृषि मंडी के सामने जाम लगा दिया। किसानों के सड़क पर उतरने से मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने खाद की कथित कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की।

खाद नहीं मिलने से किसानों का फूटा गुस्सा

जानकारी के मुताबिक, भरवारा और आसपास के गांवों के किसान खाद की समस्या से परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। काफी समय से खाद के लिए परेशान किसानों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने भरवारा कृषि मंडी के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। किसानों ने अपनी समस्याएं मीडिया के सामने रखते हुए खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

सड़क जाम की सूचना मिलते ही पनवाड़ी थाना प्रभारी प्रवीण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसानों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान हल्का बल प्रयोग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी गई, जिसके बाद राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और स्थिति को सामान्य कराने का प्रयास किया।

अधिकारियों ने मीडिया को नहीं दिया बयान

खबर से संबंधित फोटो

मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने जब राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों से खाद वितरण में हो रही देरी को लेकर सवाल किए, तो अधिकारियों ने तत्काल कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया। उन्होंने खाद वितरण में देरी का हवाला देते हुए वितरण शुरू होने के बाद अपना पक्ष रखने की बात कही।

हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसानों को खाद का वितरण शुरू नहीं हो सका था। इससे किसानों में नाराजगी बनी हुई थी और खाद उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे थे।

कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद की कथित कालाबाजारी का आरोप लगाया। इसके साथ ही भरवारा कृषि समिति से जुड़े सचिव अशोक कुमार पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए। किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और पात्र किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की।

वहीं, कुछ किसानों ने भरवारा कृषि समिति की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि समिति परिसर में जलभराव रहता है और जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। किसानों के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में खाद वितरण के दौरान उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने समिति परिसर की साफ-सफाई कराने और व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग भी उठाई।

जांच और कार्रवाई की मांग

फिलहाल किसानों के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कृषि समिति के सचिव अशोक कुमार और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

भरवारा में खाद की किल्लत को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान करने, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लगाए गए आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाता है। किसानों की मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेती-किसानी का काम प्रभावित न हो। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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