SDM को सौंपा ज्ञापन, रेलवे के DRM तक भी पहुंचाई गई मांग; निर्माण पर पुनर्विचार और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की मांग
कुलपहाड़, महोबा। कुलपहाड़ रेलवे स्टेशन से मुढ़ारी मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास प्रस्तावित अंडर ब्रिज निर्माण को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 25 से 30 गांवों के लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में अंडर ब्रिज के बजाय ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों, किसानों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसी मांग को लेकर आज कुलपहाड़ तहसील में ग्रामीणों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। मुढ़ारी विकास समिति के अध्यक्ष राहुल महाराज के निर्देश पर क्षेत्रवासियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को प्रशासन के सामने रखा। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (SDM) से आग्रह किया कि ज्ञापन को उच्च प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाकर प्रस्तावित निर्माण योजना पर पुनर्विचार कराया जाए और जनहित को ध्यान में रखते हुए ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए।
### अंडर ब्रिज के बजाय ओवर ब्रिज बनाने की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुलपहाड़ रेलवे स्टेशन से मुढ़ारी की ओर जाने वाला मार्ग आसपास के अनेक गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी काम, खेती-किसानी और अन्य कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य कराने से पहले स्थानीय लोगों की जरूरतों और भविष्य में होने वाली संभावित परेशानियों का आकलन किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की कि अंडर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और उसके स्थान पर ओवर ब्रिज के विकल्प पर विचार किया जाए। उनका कहना है कि निर्माण संबंधी निर्णय लेते समय केवल परियोजना ही नहीं, बल्कि उससे प्रभावित होने वाले गांवों और आम लोगों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
### तीन प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

ग्रामीणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग है कि प्रस्तावित अंडर ब्रिज का निर्माण तत्काल रोका जाए। दूसरी मांग है कि स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए नजदीक में ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान लोगों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े। तीसरी मांग है कि शासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा ओवर ब्रिज के निर्माण के प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जाए।
इसके अतिरिक्त, कुलपहाड़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को भी संबंधित ज्ञापन दिया गया, ताकि रेलवे प्रशासन तक क्षेत्रवासियों की मांग पहुंच सके।
### अब प्रशासनिक निर्णय पर टिकी निगाहें
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से अपेक्षा जताई कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाकर मामले में आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। क्षेत्रवासियों की मांग है कि किसी भी निर्माण योजना को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय परिस्थितियों, आवागमन की सुविधा और प्रभावित गांवों की जरूरतों पर विचार किया जाए।
इस मांग को उठाने वालों में इंजीनियर करन सिंह राजपूत, मुढ़ारी, 231 चरखारी विधानसभा क्षेत्र, समाजवादी पार्टी का नाम भी शामिल है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन और रेलवे के संबंधित अधिकारी ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर विचार करेंगे तथा जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेंगे।
सभी क्षेत्रवासियों की 3 मांगे है
1. अंडर ब्रिज निर्माण को अविलंब रोका जाए।
2. वैकल्पिक मार्ग की (नज़दीक से ही) व्यवस्था की जाए।
3. ओवर ब्रिज के निर्माण हेतु शासन एवं सरकार द्वारा पुनर्विचार किया जाए।।
**नोट:** ज्ञापन सौंपे जाने और निर्माण की वर्तमान स्थिति से संबंधित विवरण उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। अधिकारियों की प्रतिक्रिया और निर्माण योजना के आधिकारिक विवरण की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं की गई है।





