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चरखारी ( महोबा) मे ढ़ाई करोड़ खबर महोबा
चरखारी ( महोबा) मे ढ़ाई करोड़ रुपए खर्च किए गए लेकिन गोला घाट तालाब में वाटर फिल्टर प्लांट बना दिया है जो केवल सफेद हाथी बनकर रह गया हैं।
नगरपालिका परिषद को पंचबर्षीय मछली पालन में छह करोड़ रुपए की आमदनी होती हैं लेकिन तालाबोंnn

nn रखरखाव में वह शून्य हैं।
ऐतिहासिक तालाबों को एक तरफ जहां 2016में सपा शासन काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड क्षेत्र के 100तालाबों के कायाकल्प में तालाबों का पुर्नउद्धार खुदाई एवं कायाकल्प कराया था तथा तालाब के सुंन्दीकरण एवं
खुदाई हुई थी जिसमें चरखारी के सप्तसरोवर में जय सागर रतन सागर, गोलाघाट,वंशिया एवं कोठी तालाब की विशेष रूप से खुदाई कार्य हुआ था,
लेकिन अब नगरपालिका परिषद की उपेक्षा से कोठी ताल में मिट्टी डालकर पूरा जा रहा हैं।
नगरवासियों ने एसडीएम चरखारी से कोठ तालाब की अवैधानिक रूप से हो रहीं,पुराई रोक जाने की मांग की हैं। बनकर रह गया हैं।
नगरपालिका परिषद को पंचबर्षीय मछली पालन में छह करोड़ रुपए की आमदनी होती हैं लेकिन तालाबों रखरखाव में वह शून्य हैं।
ऐतिहासिक तालाबों को एक तरफ जहां 2016में सपा शासन काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड क्षेत्र के 100तालाबों के कायाकल्प में तालाबों का पुर्नउद्धार खुदाई एवं कायाकल्प कराया था तथा तालाब के सुंन्दीकरण एवं
खुदाई हुई थी जिसमें चरखारी के सप्तसरोवर में जय सागर रतन सागर, गोलाघाट,वंशिया एवं कोठी तालाब की विशेष रूप से खुदाई कार्य हुआ था,
लेकिन अब नगरपालिका परिषद की उपेक्षा से कोठी ताल में मिट्टी डालकर पूरा जा रहा हैं।
नगरवासियों ने एसडीएम चरखारी से कोठ तालाब की अवैधानिक रूप से हो रहीं,पुराई रोक जाने की मांग की हैं।
अब नगरपालिका परिषद की उपेक्षा से कोठी ताल में मिट्टी डालकर पूरा जा रहा हैं।
नगरवासियों ने एसडीएम चरखारी से कोठ तालाब की अवैधानिक रूप से हो रहीं,पुराई रोक जाने की मांग की हैं। बनकर रह गया हैं।
नगरपालिका परिषद को पंचबर्षीय मछली पालन में छह करोड़ रुपए की आमदनी होती हैं लेकिन तालाबों रखरखाव में वह शून्य हैं।
चरखारी ( महोबा) मे ढ़ाई करोड़ रुपए खर्च किए गए लेकिन गोला घाट तालाब में वाटर फिल्टर प्लांट बना दिया है जो केवल सफेद हाथी बनकर रह गया हैं।







