ऑटो रिक्शा और फोर व्हीलर गाड़ी की भिड़ंत से आधा दर्जन से अधिक लोग हुए गंभीर रूप से घायल

KHABAR MAHOBA News

यूं तो क्राइम की दुनिया में पुलिस का हाथ होना या ना होना वारदात के अंजाम पर निर्भर करता है जो आज भी बीजेपी सरकार के होते हुए कहीं कहीं नजर आता है….

ऐसी ही वारदात जनपद महोबा के पुलिस चौकी सूपा स्टैंड के अंतर्गत आने वाले सूपा तिराहे पर ऑटो और गाड़ी की भिड़ंत के उपरांत देखने को मिला… आरोपियों को पुलिस ने मौका- ए- वारदात पर दबोचा और अपनी जेब भरने के उपरांत गाड़ी का मालिक और गाड़ी चालक दोनों पुलिस के चंगुल से फरार हो गए यह अत्यंत निंदनीय मंजर था….

जनपद महोबा के अंतर्गत महोबा राठ संपर्क मार्ग पर पर सूपा तिराहे पर एक ऑटो रिक्शा और गाड़ी की जोरदार टक्कर हो गई ऑटो रिक्शा में सवार आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए, मौका ए वारदात पर पुलिस पहुंची और आरोपियों को हिरासत में ले लिया…

पुलिस ने भी आनन-फानन में एंबुलेंस की सहायता से घायलों को अस्पताल पहुंचाया और आरोपियों से पैसे वसूल कर छोड़ दिया ….

घायलों का कहना है गाड़ी मालिक हॉस्पिटल में किसी भी व्यक्ति को देखने तक नहीं आए ,इलाज कराना तो दूर की बात है , बल्कि मुकदमा दायर करने की धमकी दे रहा है….

हिंदी साहित्य जगत में एक कहावत तो आप लोगों ने सुनी ही होगी …”उल्टा चोर कोतवाल को डांटे”…

ऐसा ही मामला जनपद महोबा में देखने को मिला जब एक ऑटो रिक्शा आधा दर्जन से अधिक सवारियों को लेकर बिलखी पवा से चरखारी जा रहा था उसी दौरान सूपा तिराहे पर उसी ऑटो रिक्शा की एक फोर व्हीलर गाड़ी(UP78DV6586) से जोरदार टक्कर हुई और सभी सवार जख्मी हो गए….

स्टैंड पर रखी दुकानों के दुकानदारों ने जख्मी लोगों की सहायता हेतु आनन-फानन में प्रशासन को सूचना दी और मौका- ए- वारदात पर पुलिस भी पहुंच गई ..!!!पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया इसके उपरांत पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और फिर अपनी जेब भरने के लिए गाड़ी मालिक और गाड़ी चालक को डराया धमकाया और पैसे वसूल कर गाड़ी हिरासत में ले.. दोनों को छोड़ दिया..

गाड़ी मालिक ने भी मामला आसानी से निपटते देख पुलिस को रिश्वत खिला अपना रास्ता नाप लिया…

घायलों का कहना है कि गाड़ी मालिक किसी भी घायल व्यक्ति की सहायता हेतु हॉस्पिटल देखने तक नहीं आए और फोन से धमकी दे रहे हैं कि मुकदमा दायर करो, “मैं मुकदमा लड़ने के लिए तैयार हूं”….

समाज के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते पुलिस विभाग की अत्यंत निंदनीय नीतियों और मंसा से घायलों के परिजनों में आक्रोश देखने को मिला है।

योगी और मोदी सरकार में जहां पर पुलिस विभाग को फुल पावर सपोर्ट दिया गया और समाज की रक्षा और सेवा हेतु नियुक्त किया वहीं पुलिस विभाग की समाज हित विहीन मंशा रखने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों को आखिर क्या कहें …”पुलिसवाला गुंडा” य “वर्दी की गुंडई”…!!!!

जबकि एक घायल व्यक्ति सुनील राजपूत उम्र करीब 30 वर्ष गम्भीर रूप से घायल है जिसको डाक्टरों ने झांसी रेफर कर दिया….

ब्यूरो रिपोर्ट

खबर महोबा

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