नमामि गंगे योजना की जमीनी हकीकत

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नमामि गंगे योजना की जमीनी हकीकत: ग्राम मुढ़ारी में टूटी पाइपलाइन और गड्ढों से त्रस्त जनता

महोबा। ब्लॉक जैतपुर के ग्राम मुढ़ारी के साथ अनेक गांव में नमामि गंगे योजना की जमीनी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गांव की सड़कों पर जगह-जगह टूटी पाइपलाइन, खुले गड्ढे और अधूरा कार्य ग्रामीणों के लिए रोज़मर्रा की दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कभी बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं, कभी बुजुर्ग फिसल रहे हैं और कई बार दोपहिया वाहन सवार हादसों का शिकार हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार आश्वासन के बाद मामला भुला दिया जाता है। कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है तो कहीं खुदाई के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई। इससे लोगों में भारी आक्रोश है और वे सीधे तौर पर कार्यदायी एजेंसियों व ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना की राशि का भुगतान सरकार द्वारा किया जा चुका है, फिर भी काम अधूरा और गुणवत्ता विहीन क्यों है—यह बड़ा सवाल बना हुआ है। जनता पूछ रही है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है—मैदानी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की या ठेकेदारों की?

इसी पृष्ठभूमि में आम जनमानस की समस्याओं को लेकर चरखारी विधायक डॉ. ब्रजभूषण राजपूत ने कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि उन्होंने इन मुद्दों पर ध्यानाकर्षण के लिए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के मार्ग को रोककर स्थिति से अवगत कराया। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि स्तर पर भी लापरवाही को लेकर असंतोष है।

ग्रामीणों की मांग है कि Chief Minister Office Uttar Pradesh, BJP Uttar Pradesh और संबंधित विभाग तत्काल हस्तक्षेप करें; दोषियों की पहचान कर कार्रवाई हो और टूटी पाइपलाइनों व सड़कों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए। जब तक जमीनी स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक योजनाओं के नाम पर राहत के बजाय परेशानी ही बढ़ती रहेगी।

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