महोबा: मुढ़ारी में अंडरब्रिज के खिलाफ उठी ओवरब्रिज की मांग,

महोबा: मुढ़ारी में अंडरब्रिज के खिलाफ उठी ओवरब्रिज की मांग, ग्रामीणों की दो टूक—समस्या बढ़ाने वाला नहीं, समाधान देने वाला विकास चाहिए!

कुलपहाड़-मुढ़ारी स्टेशन रोड करीब एक साल बंद रहने की जानकारी से बढ़ी चिंता, ग्रामीणों ने रेलवे अधिकारियों से ओवरब्रिज के विकल्प पर गंभीरता से विचार करने की उठाई मांग

महोबा/कुलपहाड़। जनपद महोबा के कुलपहाड़ से मुढ़ारी जाने वाले स्टेशन रोड पर अंडरपास निर्माण को लेकर अब ओवरब्रिज की मांग प्रमुखता से उठने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्यों का वे स्वागत करते हैं, लेकिन निर्माण ऐसा होना चाहिए, जिससे आने वाले वर्षों में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी को लेकर ग्रामीणों की मांग है कि प्रस्तावित अंडरपास के बजाय ओवरब्रिज के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका स्पष्ट संदेश है—विकास चाहिए, लेकिन ऐसा विकास जो जनता की सुविधा, सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए।

जानकारी के अनुसार, कुलपहाड़ से मुढ़ारी जाने वाली स्टेशन रोड पर अंडरपास निर्माण के चलते करीब एक साल तक आवागमन बंद रहने की जानकारी सामने आई है। इसके कारण इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। लंबे समय तक रास्ता बंद रहने की स्थिति में ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। हालांकि, निर्माण अवधि और यातायात व्यवस्था की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से किया जाना आवश्यक है।

अंडरब्रिज नहीं, ओवरब्रिज चाहिए—ग्रामीणों की मांग स्पष्ट

मुढ़ारी के ग्रामीणों का मुख्य मुद्दा केवल सड़क बंद होने की परेशानी नहीं, बल्कि स्थायी निर्माण व्यवस्था का चयन है। ग्रामीण चाहते हैं कि रेलवे और संबंधित अधिकारी अंडरपास के स्थान पर ओवरब्रिज बनाने की संभावना का तकनीकी परीक्षण कराएं। उनका कहना है कि किसी भी परियोजना का निर्णय लेते समय केवल निर्माण कार्य पूरा करने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि आने वाले समय में स्थानीय लोगों को किस विकल्प से अधिक सुविधा मिलेगी।

ग्रामीणों को आशंका है कि अंडरपास बनने के बाद बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं हुई, तो लोगों के आवागमन में कठिनाई हो सकती है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने, किसानों को खेतों तक जाने और आम नागरिकों को जरूरी कामों के लिए कुलपहाड़ आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह ग्रामीणों की आशंका है, जिसकी पुष्टि तकनीकी जांच और संबंधित विभाग की जानकारी से ही हो सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज तकनीकी रूप से उपयुक्त और व्यवहारिक विकल्प साबित होता है, तो इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इससे संबंधित निर्णय स्थानीय परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों, लागत, भूमि की उपलब्धता और दीर्घकालिक रखरखाव को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।

एक साल तक रास्ता बंद रहने की जानकारी से बढ़ी चिंता

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कुलपहाड़-मुढ़ारी स्टेशन रोड क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान लंबे समय तक रास्ता बंद रहने की जानकारी से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। वैकल्पिक मार्ग अपनाने से यात्रा का समय और दूरी बढ़ सकती है। रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति अतिरिक्त खर्च और असुविधा का कारण बन सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही यातायात प्रबंधन, वैकल्पिक मार्ग और भविष्य की समस्याओं पर व्यापक विचार किया जाए, तो आम जनता को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है। साथ ही, निर्माण से जुड़े निर्णयों में स्थानीय लोगों की बात सुनी जानी चाहिए, क्योंकि परियोजना का सीधा प्रभाव उन्हीं के दैनिक जीवन पर पड़ेगा।

रेलवे अधिकारियों और DRM कार्यालय तक पहुंचाने की मांग

ग्रामीणों की मांग है कि इस विषय को संबंधित रेलवे अधिकारियों और मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के सामने रखा जाए। वे चाहते हैं कि प्रस्तावित अंडरपास की तकनीकी व्यवहार्यता की समीक्षा कराई जाए और ओवरब्रिज के विकल्प पर भी विशेषज्ञों की राय ली जाए। ग्रामीणों के अनुसार, किसी भी निर्माण को अंतिम रूप देने से पहले जल निकासी, सड़क की ऊंचाई, सुरक्षा, यातायात की जरूरतों और भविष्य में होने वाले रखरखाव जैसे पहलुओं का मूल्यांकन जरूरी है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों में बाधा डालना नहीं, बल्कि ऐसा समाधान सुनिश्चित करना है जो लंबे समय तक क्षेत्र के लोगों के हित में हो। वे चाहते हैं कि संबंधित विभाग उनकी मांग को केवल विरोध के रूप में न देखे, बल्कि इसे स्थानीय समस्याओं और जनसुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानकर विचार करे।

अब देखना होगा कि रेलवे क्या निर्णय लेता है

कुलपहाड़-मुढ़ारी स्टेशन रोड पर अंडरपास निर्माण और ओवरब्रिज की मांग का मुद्दा अब स्थानीय जनसुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन गया है। एक ओर निर्माण कार्य के दौरान आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में लोगों को होने वाली संभावित परेशानियों का आकलन भी आवश्यक है।

अब निगाहें संबंधित रेलवे अधिकारियों पर हैं कि वे ग्रामीणों की मांग पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या ओवरब्रिज के विकल्प की तकनीकी जांच कराई जाती है। यदि विशेषज्ञों की समीक्षा में ओवरब्रिज उपयुक्त पाया जाता है, तो इस विकल्प पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

मुढ़ारी की जनता का संदेश साफ है—हमें विकास से कोई आपत्ति नहीं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुविधा बने, परेशानी नहीं। अंडरपास के बजाय ओवरब्रिज की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए और जनता को भरोसे में लेकर ऐसा निर्णय लिया जाए, जो पूरे क्षेत्र के हित में हो।

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