समस्याओं का समाधान नियत समय पर हो, विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बरती जाए: सभापति जितेन्द्र सिंह सेंगर
लखनऊ में आवास विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, नगर निगमों और जिला पंचायतों की अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
लखनऊ। आवास विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, नगर निगमों एवं जिला पंचायतों में व्याप्त अनियमितताओं पर अंकुश लगाने और संबंधित मामलों की जांच के लिए गठित समिति की समीक्षा बैठक मंगलवार, 14 अक्टूबर को विधान परिषद सभागार, लखनऊ में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सभापति जितेन्द्र सिंह सेंगर ने की। इसमें विभागीय कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों और आमजन से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सभापति जितेन्द्र सिंह सेंगर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने और समस्याओं के निस्तारण में अनावश्यक देरी से बचने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान आवास विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, नगर निगमों और जिला पंचायतों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विधान परिषद सदस्यों ने अपने विचार रखे। विभागीय अधिकारियों के साथ संबंधित प्रकरणों पर बिंदुवार चर्चा की गई और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
सभापति ने कहा कि सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। विभागीय स्तर पर पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि जनता को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।
बैठक में विधान परिषद सदस्य सी.पी. चंद, अंगद सिंह, सलिल विश्नोई और अश्विनी त्यागी उपस्थित रहे। विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह ‘पप्पू भैया’ वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
इसके अलावा नगर विकास एवं आवास विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव पी. गुरु प्रसाद, आवास आयुक्त अनिल ढींगरा, सचिव विकास प्राधिकरण विजय किरण आनंद सहित विभिन्न विभागों के सचिव, विशेष सचिव और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाना, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना और आमजन को पारदर्शी एवं बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाए।




