महोबा में एसपी शशांक सिंह ने की अपराध समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश; उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित

नवरात्रि और दशहरा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, महिला सुरक्षा, रात्रि गश्त और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण पर दिया जोर

महोबा। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह की अध्यक्षता में 30 सितंबर 2026 की शाम पुलिस लाइन स्थित सभागार में मासिक सैनिक सम्मेलन एवं मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में पुलिसकर्मियों की समस्याओं के निस्तारण, जनपद की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व को देखते हुए एसपी ने संबंधित आयोजकों, मूर्तिकारों और डीजे संचालकों के साथ बैठक कर शासन की गाइडलाइन से अवगत कराने और उसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। महिला एवं बालिका सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी गश्त, सतर्क निगरानी और डायल-112 पीआरवी वाहनों की सक्रियता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

रात्रिकालीन कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, पीआरवी वाहनों की क्षेत्र में निरंतर मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा थाना प्रभारियों को रैंडम चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

लंबित विवेचनाओं और अपराधियों पर निगरानी के निर्देश

अपराध समीक्षा के दौरान क्षेत्राधिकारियों को घटित अपराधों, लंबित विवेचनाओं और अन्य प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के लिए कहा गया। 60 और 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं का परीक्षण कर अभियोजन अधिकारियों से आवश्यक विधिक राय प्राप्त करने तथा मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में ई-साक्ष्य, ई-समन, यक्ष ऐप, गैर-जमानती वारंट (NBW) की तामीला, IIF-8 और बीट सूचनाओं की भी समीक्षा की गई। आगामी चुनावी वर्ष के मद्देनजर पुराने अपराधियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने और निरोधात्मक कार्रवाई प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा गुमशुदा एवं अपहृत व्यक्तियों की बरामदगी, लंबित घटनाओं के शीघ्र खुलासे, फरार एवं इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा शातिर अपराधियों पर निगरानी रखने को कहा गया।

शिकायतों के निस्तारण और यातायात व्यवस्था पर जोर

एसपी ने लंबित प्रार्थना पत्रों और आईजीआरएस शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जातिगत, धार्मिक और अन्य संवेदनशील मामलों में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभारी यातायात को ऑपरेशन मीट एंड क्लीन और ऑपरेशन ड्रिंक एंड ड्राइव के तहत प्रभावी कार्रवाई करने तथा यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता, त्वरित रिस्पांस और प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करने के निर्देश दिए।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित

गोष्ठी के अंत में सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में शामिल रहे:

  • उपनिरीक्षक जयचन्द्र सिंह: गुमशुदा किशोरी की सफल बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए।

  • महिला उपनिरीक्षक शिबांगी गुप्ता: झारखंड राज्य की महिला को उसके परिजनों से मिलवाने के लिए।

  • उपनिरीक्षक ऋषि शुक्ला, महिला उपनिरीक्षक दीक्षा और कांस्टेबल नितिन: हैबियस कॉर्पस रिट से संबंधित प्रकरण में महिला को समय से न्यायालय में उपस्थित कराने के लिए।

  • कांस्टेबल अंकित कुमार एवं होमगार्ड रामसिंह: आत्महत्या का प्रयास कर रही महिला को डायल-112 पीआरवी के माध्यम से समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह, समस्त क्षेत्राधिकारी, अभियोजन अधिकारी, थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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