# जिले की तीनों तहसीलों में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस, अधिकारियों ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं
**चरखारी में जिलाधिकारी प्रभास कुमार की अध्यक्षता में हुआ आयोजन, 52 शिकायतों में से दो का मौके पर निस्तारण; लापरवाही और फर्जी निस्तारण पर कार्रवाई की चेतावनी**
**महोबा।** जनपद महोबा की विभिन्न तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने तहसीलों में पहुंचकर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। तहसील चरखारी में जिलाधिकारी प्रभास कुमार की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार तथा उपजिलाधिकारी चरखारी अवनीश कुमार तिवारी ने भी फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
तहसील चरखारी में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से दो शिकायतों का अधिकारियों द्वारा मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं तहसील महोबा में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे सूर्यकान्त त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं उपजिलाधिकारी शिवध्यान पांडे की उपस्थिति में समाधान दिवस आयोजित किया गया। यहां प्राप्त 14 शिकायतों में से तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। इसी प्रकार तहसील कुलपहाड़ में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व इंद्र नंदन सिंह की अध्यक्षता तथा उपजिलाधिकारी आदेश सिंह सागर की उपस्थिति में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। यहां कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से तीन शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी प्रभास कुमार ने चरखारी तहसील में शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप समयसीमा के भीतर किया जाए। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर उसका वास्तविक समाधान दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को निस्तारित करने से पहले संबंधित शिकायतकर्ता से बातचीत अवश्य की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह कार्रवाई से संतुष्ट है या नहीं। यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है तो शिकायत का निस्तारण पूर्ण नहीं माना जाएगा।

जिलाधिकारी ने आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को लेकर भी अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से भी फीडबैक लिया जाता है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक फरियादी की छोटी-बड़ी समस्या को गंभीरता से सुनें और निर्धारित समय के भीतर उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में फर्जी निस्तारण या केवल कागजी कार्रवाई का मामला सामने आया तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देश दिए कि वे अपने कार्यक्षेत्र के गांवों में भ्रमण के दौरान डुग्गी पिटवाकर ग्रामीणों को सूचना दें, उनकी समस्याएं सुनें और मौके पर ही समाधान का प्रयास करें। यदि कोई गंभीर या बड़ी समस्या सामने आती है तो तत्काल संबंधित उपजिलाधिकारी को अवगत कराएं।
अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि कोई फरियादी जिला मुख्यालय अथवा तहसील स्तर पर पहले भी शिकायत कर चुका है तो उसकी समस्या का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। यदि किसी शिकायतकर्ता को तीसरी बार शिकायत लेकर आना पड़ता है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
संपूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही और संतुष्टि के आधार पर होना चाहिए।







